CTET Child Development & pedagogy top 500 questions ( Part -7 )
(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) :

In this quiz you will know about, nirdeshan aur paramarsh mein antar,nirdeshan ke prakar,paramarsh ke prakar,nirdeshan seva sangathan,career nirdeshan,nirdeshan in english एवं इसकी परिभाषा |

इस CTET Notes में आप सभी को अधिगम संबंधित मनोवैज्ञानिक निर्देशन, शैक्षिक निर्देशन आदि के बारे महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाएगी |बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से संबंधित उन प्रश्नों के बारे में है जिनको पिछ्ले Teaching के Exam जैसे CTET , UPTET पूछे गए हैं |
इसमें Child Development and Pedagogy से संबंधित प्रश्न हैं,Child Development and Pedagogy के पिछ्ले Year के Question आप सभी को मिल जाएगा |

CTET Examination Admit Card 2020: उम्मीदवार ऐसे  डाउनलोड कर सकेंगे 


Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 1

Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 2

Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 3

Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 4

Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 5


Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 6


Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 7


181. निर्देशन की प्रक्रिया को ऐमरी स्‍ट्रप्‍स ने माना है – 
व्‍यक्तिगत हित की प्रक्रिया, सामाजिक हित की प्रक्रिया

182. निर्देशन का अन्तिम उद्देश्‍य आत्‍म निर्देशन है। इस तथ्‍य को स्‍वीकार किया है – 
थॅमस एम.रिस्‍क ने

183. स्किनर के अनुसार,निर्देशन का उद्देश्‍य है – 
क्षमताओं के अनुसार चुनाव, रुचियों के अनुसार चुनाव, अवसरों के अनुसार चुनाव

184. कुप्‍पूस्‍वामी के अनुसार, निर्देशन की आवश्‍यकता रही है – 
वर्तमान, प्राचीन समय में, मध्‍यकाल में

185. शैक्षिक निर्देशन की आवश्‍यकता होती है – 
छात्रों व छात्राओं को

186. समाज में सम्‍मान एवं प्रतिष्‍ठा प्राप्‍त करने के लिए प्रमुख रूप से आवश्‍यकता होती है – 
व्‍यक्तिगत निर्देशन की


187. अपव्‍यय एवं अवरोधन की समस्‍या समाधान हेतु आवश्‍यक है – 
शैक्षिक निर्देशन

188. शत-प्रतिशत नामांकन के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए आवश्‍यक है – 
शैक्षिक निर्देशन

189. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विकास के कारण किस प्रकार के निर्देशन की आवश्‍यकता होती है – 
शैक्षिक निर्देशन की

190. समाज में अन्‍धविश्‍वास एवं रूढि़वादिता को दूर करने के लिए प्रमुख रूप से आवश्‍यकता होती है – 
शैक्षिक निर्देशन की

191. निर्देशन प्रदान करने की प्रमुख विधियां है – 
व्‍यक्तिगत एवं सामूहिक विधियां

192. एक छात्र निर्देशनकर्ता से विभिन्‍न प्रकार के व्‍यवसायों के चुनाव में जानकारी प्राप्‍त करता है तो निर्देशनकर्ता द्वारा प्रयोग किया जाएगा – 
व्‍यक्तिगत निर्देशन

193. सिनेमा या चित्रपट के माध्‍यम से या दूरदर्शन के माध्‍यम से सूचनाप्रदान करने की विधि को माना जाएगा –सामूहिक निर्देशन विधि

194. निर्देशन प्रक्रिया का क्षेत्र होता है – 
व्‍यापक

195. बेवस्‍टर शब्‍दकोश के अनुसार, परामर्श है – 
पूछताछ, पार‍स्‍परिक तर्क-वितर्क

196. वर्तमान समय में शैक्षिक निर्देशन की आवश्‍यकता है – 
पाठ्यक्रम विवधता के कारण, व्‍यावसायीकरण के कारण

197. शिक्षक ही तरुण व्‍यक्तियों को प्रेरित और निर्देशित कर सकता है। यह कथन है – 
लाल बहादुर शास्‍त्री का

198. अनुशासनहीनता की समस्‍या का समाधान किया जा सकता है – 
व्‍यक्तिगत व शैक्षिक निर्देशन द्वारा

199. वर्तमान समय में सामाजिक निर्देशन की आवश्‍यकता है – 
सामाजिक परिवर्तन एवं सामाजिक मूल्‍यों के कारण

200. शिक्षा आयोग के अनुसार, निर्देशन है – 
शैक्षिक अवसरों के चुनावों में सहायता, व्‍यावसायिक अवसरों में सहायता

201. निर्देशन की सहायता से व्‍यक्ति का स्‍परूप हो सकता है – 
समाजोपयोगी, राष्‍ट्रोपयोगी

202. वर्तमान सामाजिक परिवर्तन के अतिरिक्‍त किन परिवर्तनों के कारण सामाजिक निर्देशन की आवश्‍यकता अनुभव की जाती है – 
नैतिक एवं धार्मिक मूल्‍यों में परिवर्तन के कारण

203. श्रेष्‍ठ समायोजन के लिए आवश्‍यकता होती है – 
मनोवैज्ञानिक निर्देशन की

204. मनोवैज्ञानिक निर्देशन से आशय है – 
मनोदशा का निर्माण करना

205. एक बालक सामान्‍य बालकों की तुलना में कम सीख पाता है तो उसके लिए आवश्‍यकता होगी – 
शैक्षिक निर्देशन की

206. स्‍वास्‍थ्‍य सम्‍ब‍न्‍धी निर्देशन का प्रमुख उद्देश्‍य होता है – 
छात्रों को स्‍वस्‍थ्‍य जीवन प्रदान करना, स्‍वास्‍थ्‍य सम्‍बन्‍धी नियमों का ज्ञान, सन्‍तुलित भोजन की जानकारी

207. बरनॉर्ड एवं फुलमर के अनुसार, परामर्श है – 
व्‍यक्ति को समझना, व्‍यक्ति के साथ कार्य करना।

208. परामर्श को निर्देशन की एक विधि के रूप में जाना जाता है। इस कथन को स्‍वीकार किया है – 
जोन्‍स ने

209. ”परामर्श दो व्‍यक्तियों का सम्‍पर्क है जिसमें एक को किसी प्रकार की सहायता दी जाती है।” यह कथन है – 
मायर्स का

210. रूथ स्‍ट्रैंग के अनुार, परामर्श का उद्देश्‍य है – 
आत्‍म परिचय, आत्‍म बोध
Axact

Currentjosh

We welcome you all on our education platform currentjosh.in. Here we share study materials all free and contents related to education to help each student personally. Our team members efforts a lot to provide quality and useful selected information for particular subjects and particular topics. Stay in touch with us and with our members who works for this welfare education system and get useful and best study material to get selected.

Post A Comment:

1 comments:

  1. It’s my first time to visit this site & I’m really surprised to see such impressive stuff out there.
    web design agency San Francisco

    ReplyDelete