CTET Child Development & pedagogy top 500 questions ( Part -2 )
(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) :

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Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 1

Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 2

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Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 6


Child Development & pedagogy(बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) top 500 questions Part 7

31. बुद्धि के द्विकारक सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया?

स्पीयरमैन :: बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत का प्रतिपादन अंग्रेज मनोवैज्ञानिक स्पीयरमैन ने 1904 में किया था। इनके अनुसार बुद्धि दो कारको से मिलकर बनी है- सामान्य योग्यता कारक (G-Factor)तथा विशिष्ट योग्यता कारक (S- Factor)

32. जब मानव शरीर के एक भाग को दिए गए प्रशिक्षण का अन्तरण दूसरे भाग में हो जाता है तो इसे कहते हैं -


द्विपार्श्विक अन्तरण :: मानव शरीर को दो भागों में बाँटा जा सकता है - दायाँ भाग और बायाँ भाग। जब मानव शरीर के एक भाग को दिये गये प्रशिक्षण का अंतरण दूसरे भाग में होता है तो इसे द्विपार्शिक अंतरण कहते हैं। जैसे दायें हाँथ से लिखने की योग्यता का उपयोग बायें
हाथ से लिखने में करना।


33. दिए हुए प्राप्तांकों के समूह में जो प्राप्तांक बहुधा सबसे अधिक बार आता है उसे कहते हैं -


बहुलक :: बहुलक या बहुलक सांख्यिकी की केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप का भागे है जिसमें माध्य, माध्यिका व बहुलक भी आता है। प्राप्तांकों में जिस प्रप्तांक की आवृत्ति सबसे अधिक होती है वह बहुलक कहलाता है। इसे निम्न सूत्र से ज्ञात किया जा सकता है-
3 Median - 2 Mean (3 Mn -M)



34. क्रियाप्रसूत अनुकूलन सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था -


स्किनर :: स्किनर द्वारा क्रियाप्रसूत अनुकूलन सिद्धान्त का प्रतिपादन किया गया था इन्होंने चूहों पर प्रयोग कर सीखने का सिद्धान्त दिया था। इसी प्रकार - पावलोव- क्लासिकल अनुबन्धन सिद्धान्त (कुत्ते पर प्रयोग) थार्नडाइक- प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत (बिल्ली पर प्रयोग) कोहलर- सूझ का सिद्धान्त (बन्दर पर प्रयोग)
35. अल्बर्ट बण्डूरा निम्न में से किस सिद्धांत से सम्बन्धित हैं-  


सामाजिक अधिगम सिद्धान्त :: सामाजिक अधिगम सिद्धांत को बन्डूरा द्वारा 1969-71 में दिया गया। सामाजिक अधिगम सिद्धांत, अधिगम के संज्ञानात्मक क्षेत्र के सिद्धांत के अंतर्गत आता है। इस सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति जो कुछ भी सीखता है वह दूसरों को देखकर, सुनकर व समझकर
सीखता है।


36. मानसिक आयु का प्रत्यय दिया था - 


बिने-साइमन ने :: मानसिक आयु एक दूसरे तरह की आयु है जिसका प्रयोग बुद्धि मापने में मनोवैज्ञानिकों ने अधिक किया है। इस सम्प्रत्यय का प्रतिपादन बिने तथा साइमन ने किया था तैथिक आयु से तात्पर्य व्यक्ति के जन्म से लेकर आज तक की आयु से होता है| (जबकि मानसिक आयु उनकी बुद्धिलब्धि होती है- बुद्धि लब्धि =  ( मानसिक आयु  /  तैथिक आयु ) x 100

37. निम्नलिखित में से कौन सा सीखने का नियम नहीं है


तनाव का नियम :: तनाव का नियम- अन्य तीन तत्परता का नियम प्रभाव का नियम तथा अभ्यास का नियम अधिगम के नियम है जिसे थार्नडाइक ने अपने प्रयास व त्रुटि के अधिगम सिद्धान्त में दिया था।

38. सम्बद्ध प्रतिक्रिया सिद्धांत में पावलोव ने प्रयोग किया -


कुत्ते पर :: अनुबंधित अनुक्रिया उद्दीपक सिद्धांत में पावलोव ने कुत्ते पर प्रयोग किया जिसमें पावलोव ने कुत्ते के लार स्रावित करने की क्रिया के आधार पर अनुबंधित अनुक्रिया सिद्धांत की व्याख्या की।  बिल्ली पर थार्नडाइक द्वारा, चूहों पर स्किनर द्वारा एवं बन्दर पर कोहलर व कोफ्फा ने प्रयोग किया था।

39. सूझ द्वारा सीखने के सिद्धांत का प्रतिपादन किया -


कोहलर :: कोहलर- सूझ द्वारा सीखने के सिद्धान्त का प्रतिपादन कोहलर महोदय ने किया था इस सिद्धांत के अनुसार अधिगम मात्र किसी अभ्यास का प्रशिक्षण नहीं वस्तुतः अचानक आयी सूझ से होता है। इन्होने बन्दर पर इस सिद्धांत का प्रयोग किया था।

40. कार्य को आरम्भ करने, जारी रखने और नियमित करने
की प्रक्रिया है -


प्रेरणा :: "अभिप्रेरणा किसी कार्य को प्रारम्भ करने, जारी रखने अथवा नियन्त्रित करने या नियमित करने की प्रक्रिया है।"

41. विस्मृति कम करने का उपाय है -


पाठ की पुनरावृत्ति :: जब व्यक्ति अपने भूतकाल के अनुभवों या सीखी बातों को चेतन में लाने में असफल हो जाता है, तब उसे विस्मृति कहते हैं। अतः विस्मृति को कम करने के लिये यह आवश्यक है कि सीखी गयी बातों या अनुभवों की पुनरावृत्ति की जाती रहे।


42. क्रोध व भय प्रकार हैं -


संवेग :: संवेग- क्रोध व भय संवेग के प्रकार है। मैकडूगल द्वारा इसी प्रकार 14 संवेगों की व्याख्या की गई है। संवेग एक जटिल अवस्था होती है जिसमें कुछ आंगिक प्रतिक्रिया जैसे हृदय की गति में परिवर्तन रक्तचाप में परिवर्तन, सांस की गति में परिवर्तन इसके अलावा बाहरी अंगों में परिवर्तन होता है।

43. दूसरे व्यक्ति के बाह्य व्यवहार की नकल है-


अनुकरण
:: दूसरे व्यक्तियों के बाह्य व्यवहारों की नकल करना ही| अनुकरण कहलाता है। जिन व्यक्तियों के व्यवहारों का अनुकरण किया जाता है उन्हें निदर्श (Models) कहा जाता है।

44. यदि पूर्व ज्ञान व अनुभव नये प्रकार के सीखने में सहायता करते हैं, तो उसे कहते हैं


सकारात्मक प्रशिक्षण स्थानान्तरण :: धनात्मक अन्तरण को सकारात्मक अन्तरण भी कहते हैं। जब पूर्व अर्जित ज्ञान नवीन ज्ञान को अर्जित करने में सहायक होता है तो उसे धनात्मक या सकारात्मक अन्तरण कहते हैं।

45. सीखी हुई बात को स्मरण रखने या पुनः स्मरण करने की असफलता को कहते हैं


विस्मृति
:: विस्मृति या विस्मरण भूलने से सम्बन्धित है जब सीखा हुआ ज्ञान धारणीय न हो या धारण किये गये बात को पुनः चेतन पटल पर न लाया जा सके तो उसे विस्मृति कहते हैं।

46. टर्मन के अनुसार 90-100 बुद्धि लब्धि का बालक माना जाता है


सामान्य बुद्धि :: टर्मन ने बुद्धि लब्धि का वर्गीकरण निम्न प्रकार से किया है
--130 से अधिक
प्रतिभाशाली बुद्धि
--121 से 130
प्रखर बुद्धि
--111 से 120
तीव्र बुद्धि 66
--91 से 110
सामान्य बुद्धि
--81 से 90
मन्द बुद्धि
--71 से 80
अल्प बुद्धि
--71 से कम
जड़ बुद्धि


47. हॉल का सिद्धांत निम्न में किसकी व्याख्या करता है -


किशोरावस्था का विकास
:: स्टेनले हॉल ने 1904 में प्रकाशित अपनी पुस्तक एडोलेसेन्स' (Adolescence) में किशोरावस्था के विकास को आकस्मिक विकास के सिद्धांत' के अंतर्गत व्याख्यायित किया है। इनके अनुसार "किशोर में जो शारीरिक, मानसिक और संवेगात्मक
परिवर्तन होते हैं, वे अकस्मात होते हैं।"


48. मानव व्यक्तित्व के मनो-लैंगिक विकास को निम्न में किसने महत्व दिया था 


फ्रायड :: व्यक्तित्व के विकास की व्याख्या के लिए सिगमंड फ्रायड ने सर्वप्रथम मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत का प्रतिपादन किया। फ्रायड ने व्यक्ति के मनोलैंगिक विकास के संदर्भ में मुख्य रूप से पाँच अवस्थाओं का उल्लेख किया है - (1) मुखय अवस्था (2) गुदीय अवस्था (3) लैंगिक अवस्था (4) अदृश्यवस्था (5) जननेन्द्रियावस्था।

49. मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला को किसने स्थापित किया था 


डब्ल्यू वुण्ट
:: विलियम मैक्स मिलियन वुण्ट को आधुनिक मनोविज्ञान का जनक माना जाता है। सन् 1879 में जर्मनी के लिपजिंग विश्वविद्यालय में इन्होंने मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला की स्थापना की, जिसके बाद से ही मनोविज्ञान के अध्ययन की एक स्वतंत्र विधा माना जाने लगा।
50. गेस्टाल्ट मनोविज्ञान की आधारशिला किसने रखी थी -


मैक्स वथीमर :: गेस्टाल्ट मनोविज्ञान की आधारशिला चार जर्मन मनोवैज्ञानिक - मैक्स वरती मर, वोल्फगैंग कोहलर, कुर्ट कोफ्का तथा कुर्ट लेविन ने रखा।

51. संघनन सिद्धांत निम्न में किससे सम्बन्धित है


स्मृति
:: संघनन सिद्धांत स्मृति से सम्बन्धित है। यह सिद्धांत मूलरूप से निर्णय निर्माण की प्रक्रिया तथा प्रस्तुतीकरण के तरीके को व्याख्यायित करता है। इस सिद्धांत के अनुसार मनुष्य के मस्तिष्क में असंख्य सूचनाएँ संघनित रहती हैं। मनुष्य वह सूचना के द्वारा निर्णय का निर्माण करता है जो समस्या समाधान में सहायक होती है। अतः वह व्यक्ति निर्णय निमार्मण में दक्ष होगा जो सृजनशील होगा।

52. क्षेत्र सिद्धांत निम्न में किस वर्ग का सिद्धांत है - 


गेस्टाल्ट वादियों का :: अधिगम संबंधी क्षेत्र सिद्धांत कुर्ट लेविन द्वारा प्रतिपादित किया गया है। लेविन एक गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक है। लेविन का क्षेत्र सिद्धांत सामान्य शब्दावली में यह कहता है कि “मानव व्यवहार व्यक्ति और वातावरण दोनों का प्रतिफल है जिस सांकेतिक रूप में B = f(PE) द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।

53. बैटरी का प्रयोग निम्न में से किसके मापन हेतु किया जाता है


बुद्धि :: बुद्धि-भाटिया बैटरी बुद्धि मापने के लिए प्रयोग किया जाता है। भाटिया द्वारा भारत में बुद्धि परीक्षण का निर्माण किया गया था यह एक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण है।

54. अभिक्रमायोजित अधिगम का प्रत्यय किसने दिया था -


स्किनर :: अभिक्रमायोजित अधिगम का अर्थ किसी योजना के अनुसार शिक्षण एवं अधिगम की क्रिया को साकार रूप प्रदान किया जाता है। बी.एफ. स्किनर ने वर्ष 1942-43 में सक्रिय अनुबंध अनुक्रिया सिद्धांत या क्रिया-प्रसूत अनुबंध सिद्धांत का प्रतिपादन किया जो अभिक्रमायोजित अधिगम का आधार बना।

55. व्यावहारिक क्षमताओं में वह सापेक्ष स्थायी परिवर्तन जो कि प्रचलित अभ्यास का परिणाम होता है उसे क्या कहते हैं -


अधिगम
:: सीखना या अधिगम एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा अनुभूति या अभ्यास के फलस्वरूप व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन होता है।

56. संज्ञान किस बुद्धि के सिद्धांत का हिस्सा है -


गिलफोर्ड का सिद्धांत :: जे. पी. गिलफोर्ड तथा उनके सहयोगियों ने बुद्धि का त्रिवीमीय प्रारूप प्रस्तुत किया। इनके अनुसार बुद्धि को तीन विमाओं| के परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है- (1 सामग्री (2) संक्रिया और (3) उत्पादन क्रिया को पुनः पाँच प्रकारों में विभाजित किया गया
है- (1) संज्ञा (2) स्मरण (3) परम्परागत चिंतन (4) गैरपरम्परागत चिंतन (5) मूल्यांकन।)


57. आठ वर्ष के सुधार की मानसिक आयु दस वर्ष के उसकी बुद्धि लब्धि कितनी है?


125 :: (मानसिक आयु  /  वास्तविक आयु)   x 100
(10 / 8) x 100 = 125


58. संवेग का कौन सा सिद्धांत इस विचार को मानता है कि "संवेगात्मक अनुभव संवेगात्मक व्यवहार' पर आधारित है 

जेम्स लैंग सिद्धांत :: जेम्स-लैंग सिद्धांत के अनुसार पहले संवेगात्मक व्यवहार होता है और तब संवेगात्मक अनुभूति होती है। उदाहरण- यदि व्यक्ति बाघ या भालू को देखकर नहीं भागता, तो उसमें डर की अनुभूति भी नहीं होती है। अतः “संवेगात्मक अनुभूति संवेगात्मक
व्यवहार" जैम्स-लैंग सिद्धांत पर आधारित है।


59. किसी इच्छा या आवश्यकता में रुकावट पड़ने पर उससे उत्पन्न होने वाला सांवेगिक तनाव कहलाता है। 


कुण्ठा :: कुण्ठा- मैकाल ने 14 संवेग बताए है। किसी इच्छा की पूर्ति न होने पर कुंती संवेग की उत्पत्ति होती है।
60. कोहलबर्ग का सिद्धांत निम्न में किस विकास से सम्बन्धित है - 


नैतिक विकास
:: नैतिक विकास-कोहलबर्ग ने सामाजिक परिप्रेक्ष्य अर्थात समाज से अपने संबंधों के बारे में वैयक्तिक दृष्टिकोण पर बल दिया है। कोहलबर्ग का तर्क है कि नैतिक विकास संज्ञानात्मक विकास के मानांतर चलता है परन्तु उसके लिए आवश्यक शर्त नहीं है।



Child Pedagogy 500 Questions Part-3 भाग-3 के लिए यहाँ क्लिक करें - 


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